मैं मोहब्बत हूं मैं हर रिश्ते की आत्मा हूं भावनाओं में रहती हूं ,जज्बातों की कहानी हूं मैं दिलों में बसती हूं, संसार को सुन्दर बनाती हूं मैं मोहब्बत हूं ,कोई कुछ भी कहे ,मेरी जङें बहुत गहरी हैं हंसती हूं ,गुनगुनाती हूं चेहरे पर मुस्कराहट लिए हर गम छिपाती हूं , मैं मोहब्बत हूं हर हाल में मुस्कराती हूं कभी - कभी दुनियां के झमेलों में उलझ जाती हूं उदासी की चादर ओढ़े दुखी हो जाती हूं मैं मोहब्बत हूं फिर गुनगुनाती हूं हवाओं में ठहर रिमझिम बरसात बन जाती हूं मन के सारे द्वंद मिटा खिली.धूप बन जाती हूं पुष्पों में सुगन्ध बन हवाओं में घुलमिल इतराती हूं ।
जीत की खुशी मिली हार से जब बहुत लङा जीतने के लिये मैं कई बाजीयां चलता रहा मुश्किलों की चुनौतियां परिक्षा समझ हल करता रहा पश्न पर प्रश्न कठिन उत्तर पुस्तिका पर भरता रहा हल छिपा था वहीं खोज-बीन चलती रही सामने खङा उत्तर मिला जब -जब हार के थकता रहा परिश्रम की चमक अब मेरे व्यक्तित्व में भरी,हार भी बहुत खुश हुई एक मनोबल मुझसे क्या खूब लङा ,जीतने का जश्न मना प्रश्न भी खुश हुये क्या खूब हमें उत्तर मिले