नमस्कार, मंच पर उपस्थित मेरे सह मित्रोॅ को एवं समस्त माननीय अतिथियों को .. मेरी राम राम जी सबको । कहते हैं किसी भी अच्छे काम की शुरुआत प्रार्थना से होनी चाहिए । अतः मैं आपके समक्ष स्वरचित प्रार्थना प्रस्तुत करने.जा रही हूं । मन में लिए शुभ भावना ,परमार्थ हमारी अराधना सेवा हमारा संकल्प है,परहित हमारा उद्देश्य मानवता का संग है,जन कल्याण हमारा लक्ष्य है। व्याधि पीड़ा बन उपचार ,करना है सदा ही परोपकार -2 उपकारी जीवन सद्व्यवहार, परस्पर प्रेम की फसल उगानी . गंगा जल सम अमृत बनकर जन परोपकार ही करना है । इनरव्हील ऋषिकेश ने लिया है प्रण निष्काम सेवा का संग्राम स्वच्छंद .. इनरव्हील ऋषिकेश के हौसले है बुलंद .. सेवा के पथ पर डटे रहेगें । -2 परहित हमको प्यारा है -2
रोशनी ही सत्य है रोशनी में ही गूढ रहस्य है रोशनी की अठखेलियाँ हैं अनकही सी पहेलियां हैं रोशनी है तो जिन्दगी है , जिन्दगी है तो रोशनी है रोशनी की सब कहानी चल रही जिन्दगानी है तुझ में रोशनी,मुझमें रोशनी समस्त संसार की रोशनी ये ब्रह्मांड कायनात की रोशनी रोशनी से रोशनी में नहाता यह संसार रोशनी ने लिखी जीवन की कहानी रोशनी से चल रही सृष्टि सारी