सपनों में सोचा था, सपना तो सपना ही होता है एक दिन अपना भी सपना सच हो गया परमात्मा का इशारा हुआ, आंखों को दीदार हो गया हम सबका सपना साकार हो गया एक दिन वो हकीकत में मिल गयी सादगी उसकी दिल को भा गयी एक बिटिया हमको पसंद आ गयी दिल की सच्ची वो आंखों में मस्ती भरी सुनहरी तितली सी उडती वो नजर आ गयी हम सब के दिलों में वो घर कर गयी एक बिटिया - - हमने जीवन में उसको घर कर लिया मानों जन्मों का बंधन हमने तय कर लिया। कोमल रिश्तों से बंधन बांधने को वो मायके से ससुराल की हो गयी लाडली वो गोस्वामी परिवार की कली बागों में महकती रहे खिली-खिली हमने फूलों का उसे गूलदस्ता कर लिया असूजा परिवार की रौनक वो बनकर रहेगी हम सब प्रेम से उसकी बागवानी करेगें अपने गुणों से वो सबका नाम रोशन करेगी एक घर में वो पली दूजे घर में राज करेगी। हे परमात्मा तुम हम पर कृपा रखना सुन्दर माला में हमको पिरोये रखना - -कमी एक दूजे की हम माफ करेगें, होठों पर सदा मुस्कान रखेगें श्रीराम ...
खुशियां पायी नहीं जाती खुशियों को ढूढना पङता हैं खुशी भीतर की एक सुन्दर अवस्था है माना की जीवन में बहुत व्यवस्ता है खुशियों को खोजना पङता है मिल ही जाती है खुशी मदमस्त हवाओं में बगीचों की क्यारियों में मुस्कराती कलियों में फूलों की महकती हवाओं में सच्ची खुशी पाने की चाह में सच्ची खुशी पाने की तलाश में मन बहलाने को बहुत कुछ मिला दिल बहला पर टिकाऊ खुशी ना मिली बिखर गये संसार में पाने को बहुत कुछ बंट गये बाजार में कीमत कौडियों की ना रही ठोकरों ने दिया तोङ खण्डित भी हुए इस कदर कोई हकीम ना मिला इलाज को तेवर हमेशा ज्यों के त्यों टस से मस ना हुई ऐठ कुछ लचीलापन होता तो कहीं जगह बना पाते अकङे रहे बांस की तरह तो खोखले से सूखते रहे सूख कर मुरझा गये