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Showing posts from August 31, 2021

अच्छा लगता है

 उम्र की परतों ने मुझे बड़ा बना दिया  अभी कहां हुई हूं मैं बड़ी  बचपन का अल्हड़ पन  मौज मस्ती में रमता मन  आज भी अच्छा लगता है  सखियों संग लड़कपन आज भी लौट जाना चाहता है  जाने क्यों बचपन में मन  अभी भी जीता है मुझमें मेरा बचपन  मिलते-जुलते रहा करो सखियों तुमसे मिलकर लौट आता है मुझमें मेरा जीवन .... तुम्हारे- हमारे दिल की आपबीती एक जैसी  उम्र की ऐसी की तैसी...उम्र की लकीरें  खींचती हैं लक्ष्मण रेखायें....अनदेखा कर सब लकीरों को  हां बस एक खुशहाल जीवन जीना चाहते हैं हम  मरने से पहले तिल-तिल मरना नहीं मंजूर मुझको  उम्र की दहलीज पर नये खूबसूरत  रंग सजाना चाहते हैं हम    उम्र की आखिरी सांस तक मुस्कुराना चाहते है हम  और सारे जहां के लिए मुस्कुराने की वजह बनना चाहते हैं हम ,बस सवयं के लिये स्वयं की शर्तों पर जीवन जीना चाहते हैं हम  ।।