देने के सिवा मुझे कुछ आता नहीं !!!!! पुष्प प्रेम की सौगात प्रकृति का अनुपम उपहार एक दिन मैंने पुष्प से पुछा आकाश की छत मिटटी की गोद , क्या कारण है जो काटोंकेबीच भी, बगीचो की शोभा बढ़ाते हो , दुनिया को रंग-बिरंगा खूब सूरत बनाते हो ...