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नया उत्साह

 नया दिन नयी शुरुआत 

मन में भर उत्साह 

आज फिर  खोली है किताब 

कुछ  नया कुछ  पढने की चाह 

मन में उत्साह भर कहीं कोई प्रेरणा दे जाये 

एक अध्याय खोजने की चाह.

कुछ  नया कर दिखाने के सपने 

मिल जाये कोई नयी राह 

सुगम हो सुगामी सभ्यता की निशानी हो 

उम्मीद  हमारे हैं तो पंख भी हमारे ही होंगे 

ऐसे कोई  शुभ विचार  जो जीवन  का कर दें उद्धार 

उमंगों की नयी उङान  छूना है जो नया आसमान 

आज फिर  एक नया अध्याय लिखने की चाह  

चाह  मेरी है तो भाव भी मेरे ही होगें 

भावों में सच्चाई  की राह भी होगी 

कोई मन में धीरे से आकर कह दे 

चल उङं छूना है तुझे आसमान  

फिर पंख मेरे फड़फङाये 

और दूर उङ जाऊं आसमान में 

नील गगन की छांव में 

बादलों की ओट में 

परियों की दुनियां से 

सब पर भरपूर स्नेह लुटाऊं....

जी भर खुशियां लुटाऊं ..



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