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यूं ही बेवजह मुस्कराया करो

यूं ही बेवजह  मुस्कराया करो 

माहौल  को खुशनुमा बनाया करो 

जिन्दगी आपकी है इसे ना बेवजह  

उलझनों में उलझाया करो ...

शिकवे शिकायतों में ना वक्त जाया करो...

मुश्किलों का दौर आये तो थोड़ा रूक जाया करो 

परिक्षाओं की घङी जान थोडी सूझ-बझ से 

हल निकाल लिया करो .. 

वक्त है साहब बदल ही जाता है 

आंधियों का आना तो दस्तूर  है 

सब्र का बांध बना नया रास्ता बना लिया करो 

असम्भव  कुछ  भी नहीं ,असम्भव  को सम्भव 

कर दिखाने की कला अपनाया करो  .

मानव  मस्तिष्क की क्षमता पर विश्वास  बढाया करो ...

मुश्किल  प्रश्नों के उत्तर  निकाल  जीत का परचम लहराया करो ..




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