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मैं किसी की आंखों में खुशी बनकर चमकूं


मैं रहूं या ना रहूं, मेरी आंखे रह जायें 
मेरी आंखे दुनियां देखती रहें 
मैं ना सही मेरी आंखे अमर रहें 
किसी की आंखों में खुशी बनकर चमकूं 
कितने बेहतरीन होगें वो पल जब यह 
कारवां चलेगा... 
किसी के नयनों में ज्योति बनकर चमकूं 
यह मेरा सौभाग्य हो गया,मेरा अहहोभाग्य हो गया। 

 सौभाग्यशाली हैं,जिनके मन में देने के भाव हैं
 भाग्यवान हैं, दुनियां के सबसे अमीर इंसान हैं
वो जो किसी को कुछ भी देते हैं। 
आप किसी का दिल ना दुखायें, किसी को अपनी
मुस्कराहट का दान दें... किसी भूखे को भोजन दें
किसी को कुछ ऐसा हुनर सिखा दें कि वह अपना जीवन अच्छे से चला सके... किसी के आगे हाथ फैलाने की बजाए... किसी को देने के काबिल बन सके...
आज मैं आपको जागरूक करने आयी हूँ... अंगदान, महादान के बारे में... अंग दान यानि महादान... आप सब जानते हैं, यह शरीर नश्वर है.. एक ना एक दिन हर किसी को इस दुनियाँ से जाना है, और फिर उसके बाद यह शरीर किसी काम का नहीं.. तो फिर क्यों ना हमारे तन के राख हो जाने से पहले.. अपने अंगों का दान दें दें.. जिससे कई जरूरतमंद जीवित इंसानों को जीवन दान मिल जायेगा.. और हम किसी ना किसी रूप में दूसरे के तन में जीवित रह जायेंगे... मानव शरीर के कई अंग बहुत उपयोगी हैं... जिनमें नेत्र दान महादान.है.. कितना खूबसूरत होगा वो पल जब हम नेत्रदान करके.. इस दुनियाँ से चले जाने के बाद भी दुनियां को देखेंगे।।। 
ऐसे ही शरीर के अन्य कई उपयोगी अंगों का दान भी महादान है। 
अतः अंगदान भी महादान है। 

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