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लोग मुझे कहते हैं जोकर

लोग मुझे कहते हैं जोकर 

गुजारें हैं बहुत पल रो-रोकर 

खाकर बहुत सी ठोकर..

बहुत घायल हुआ हूं--

सम्भला हूं... 

अब मन कहता.. है! 

खुशी है तेरी जो करना है, वो कर! 

पाने को खुशी, रोया नयन धो-धोकर - - 

अब खुशियों के पीछे नहीं भागता --

खुशीयां मेरे संग रहती हैं 

लोग मुझे कहने लगे हैं जोकर--

मेरा मन कहता है - - 

तू जो कर वो कर-- मन में जो आये-- वोकर - - 

अब जो मन में आता है मैं वो करता हूं 

खोकर सब कुछ पा गया हूं बहुत कुछ 

कहता हूं - मन तू जो- कर - वो कर.. फिर चाहे 

कोई कहे तुझे लाख जोकर... 

खाकर अनगिन ठोकर

बन गया हूं जोकर.. खुश हूं - - 

लोगों को हंसने के बहाने देता हूं - - 

कयूं कर गुजारुं जीवन रोकर 

अब कहता हूं मन तू जो करना है वो कर 

कहने दे जमाना जो कहे तुझे जो जोकर 

तुझसे है जमाना, जमाना से तू नहीं 

तेरा वजूद है तेरी शक्सियत - 

तू खुशकिस्मत है, तेरी साफ है नियत 

अब मैं बेफिक्र मुस्कराता हूं,

हर दर्द मुस्कराहट में छिपाता हूं 

दर्दों ने मेरा साथ कभी ना छोड़ा 

मैने दर्दों को अपना बना लिया 

मैने उन्हें भी बेवजह मुस्कराना सिखा दिया । 


 

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