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दस्तक एक आहट

एक दस्तक ,एक आहट मन की आवाज़ 

जिसमें छिपे होते हैं गहरे राज 

इशारों की बात भी सुनना सीखो मेरे 

अपनों उसमें छिपे होते हैं गहरे राज ‌

इशारा मन का आत्मा को 

एक अनसुनी आवाज जो दिल को 

हरपल दस्तक देती है इशारों में समझाती है 

पर हम ही सुन कर अनसुना कर देते हैं 

दिल की बात सुने या फिर दुनियां को देखें 

कैसे ,कैसे अनदेखा कर दूं दुनियां को 

जो हर पल मुझे ताकती है 

गिरता हूं ठोकरें खाकर तो हंसी उड़ाती है 

ऊपर उठता हूं तो भी बातें बनाती है 

फिर भी मैं दुनियांदारी में उलझ जाता हूं 

जिसे मेरे होने या होने से कोई फर्क नहीं पड़ता 

जिसके लिए मैं हरपल एक किस्सा हूं 

इशारा जो आत्मा का मन को होता 

एक पहली अनकही आवाज जो 

बस सवयं को ही समझ आती है 

उस आवाज का इशारा हमेशा सही होता 

जिसमें अच्छे -बुरे सही और ग़लत का विवेक भी होता है 

समझना आवश्यक है इशारे का इशारा किधर होता 

इशारे में भी गहरा राज छिपा होता है ।।


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