माना की हमारा पद उतना बङा नहीं .. परन्तु कुछ आप और कुछ मैं थोङा- थोङा सब जानते हैं ..
आइये--- कहिए-- आप कुछ कहना चाहतें हैं
तो कहिए ... हम भी कोशिश करेगें ...
आपकी समस्याओं पर चर्चा कर उसे सुलझाने की ...
सच मानिये प्रेरित हूं ..माननीय प्रधानमंत्री की मन की बात से ...
एक छोटा सा प्रयास ..या ऐसे कई छोटे- छोटे प्रयास हम भी कर सकते हैं ...
हम सबके पास कुछ ना कुछ विशेष जरुर है ...
तो क्यों ना हम भी अपने- अपने मन की बात कर जीवन को आसान बनाने की कोशिश करें ...
तैयार हूं मैं आपके मन की पढने को ... बेझिझक कहीए..
आप पूछ सकते हैं ..सवाल .. किन्तु सवालों में अभद्रता नहीं होनी चाहिए ....
क्या है आपके मन की बात ,जी मन ही मन मत दबाइयेगा मन की बात ,कहकर तो देखिये क्या पता कोई हल निकल जाये ?

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