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राम नाम अमृत के जैसा


राममय हुई धरती सारी 

हर्षित हैं खग, मृग, नर- नारी 

महा उत्सव की करो तैयारी 

आरती थाल करो तैयार 

मिष्ठानों के भोग बनाओ 

दीप जलाओ घर - द्वार 

जगमग- जगमग हो संसार 

राम आये हैं अयोध्या धाम 

शंखनाद से करो आगाज 

स्वागत का करो ऐलान 

युगों - युगों के बाद हैं लौटे

राम अयोध्या धाम हैं आयें

राममय हुआ समस्त संसार....

रामराज की हो जय-जयकार

सतयुग सम होगा समस्त संसार 

रामराज की जय - जयकार 

राम नाम मीठा रस ऐसा, 

मन बोला अमृत के जैसा 

जिह्वा में मीठा रस  घोला 

राम नाम ले मनवा बोला 

राम सियाराम, सियाराम 

जय- जय राम... 

राम नाम ह्रदय से बोला 

वाणी पवित्र मनवा डोला 

दिव्य उजाले हुये जगत में 

राम नाम जब मुख से बोला 

राम नाम सत्य आधार 

राम नाम दिव्य प्रकाश 

मन मंदिर हर्षित हो बोला 

आओ सुंदर बंदनवार सजायें 

कोमल पुष्प लडी सजायें 

रंगोली सुन्दर बनायें 

चित्रकला भी खूब बनायें 

मिष्ठानों के थाल सजायें 

दीपोत्सव की मंगल बेला 

सब रल - मिल मंगल गीत सुनायें

राम नाम ले हर जन बोला राम सियाराम

सियाराम जय-जय राम - 2 

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