आओ चरित्रवान बने गुणवान बने,विद्ध्यावान बने आओ कुछ अच्छा सोचें अच्छा बने,अच्छा करे अच्छा बनने का संकल्प करे,आगे बढे सरिता के जल की भांति सर्वस्व उद्धार करें, विकारों को किनारे करें अपने अस्तितव में जियें अंहकार के आवरण से स्वयं को दूषित ना करें आप स्वयं सिद्धा हैं स्वयं की छवि ना खराब करें आत्ममंथन से स्वयं की पहचान करें ।