Skip to main content

Posts

Showing posts from March 21, 2026

ऋतु बंसत प्रसून उद्यान

ऋतु ,प्रसून बंसत उद्यान  केसरिया अरुणिम,वनस्पति केसरिया अर्क  अलकृत धरा स्वर्णिम ब्रह्मांड  ऋतु बंसत फुलवारी ,बहूरंगी छटा महतारी  फूलन सज्जा आंगन बारी, सुगन्धित समीर मन श्रृंगारी सुमन,कुसुम प्रसून,मंजरी ,गेंदा गुलाब, गुडहल,रजनीगंधा  सरसों ,ट्यूलिप सूरजमुखी ,वसुधा प्रवृत स्वर्णिम अंलकृत मनोहारी मनभावन मन ,नाटन करे, हिय पंख फैलाये स्वर्णकार  बंसत की बंसती बहार ,वसुधा करे षुष्प श्रृंगार  निसर्ग अवनि शिल्पकार ,वर्ण कांति प्रसून उद्यान   उल्लासित अंतःकरण ,ऋतुराज ,बंसतबहार  कुसुमकार वरणी साम्राज्य ,पुष्प नृप कौमुदी ,पुष्पराज  देवपुष्प ,देवराज पाटल ,सुवास,मकरंद मन जागे उमंग  ट्यूलिप, गुलाब,गेंदा बुराश गुङहल, मन नर्तन करे बिन थाप  सोलह श्रृंगार निसर्ग व्यवहार अद्भुत चित्रकार।