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अध्ययन जरूरी है

 स्व+ अध्याय स्वयं पर अध्ययन 

स्वाध्याय यानि स्वयं पर अध्ययन जरुरी है  स्वयं को सही से समझ लिया तो किसी  अन्य को समझने में समय और ऊर्जा व्यर्थ करने से बच जायेंगें .....


 विश्वास + एक आस स्वयं का स्वयं पर विश्वास सर्वप्रथम स्वयं पर विश्वास करना सीखिए जब आप सम्पूर्ण होंगे तो किसी अन्य पर अविश्वास का कोई तात्पर्य ही नहीं रहेगा.. ....


उपयोग + यानि एक उत्तम योग शुभता से किया गया कोई भी कार्य, समय एवं परिस्थिति को बेहतर बनाना जीवन का उपयोग .....


परमार्थ + पर यानि स्व से ऊपर उठकर दूसरों ‌‌‌‌‌के हित के लिए कार्य करना साधन जुटना  अपना जीवन पर हित में लगाना । 




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मोहब्बत ही केन्द्र बिन्दु चलायमान यथार्थ सिन्धु  धुरी मोहब्बत पर बढ रहा जग सारा  मध्य ह्रदय अथाह क्षीर मोहब्बत  ना जाने क्यों मोहब्बत का प्यासा फिर रहा जग सारा  अव्यक्त दिल में मोहब्बत अनभिज्ञ भटक रहा जग सारा  मोहब्बत है सबकी प्यास फिर क्यों है दिल में नफरतों की आग  जाने किस कशमकश में चल रहा है जग सारा  मोहब्बत ही जीवन की सबकी खुराक  संसार मोहब्बत,आधार मोहब्बत  मोहब्बत की कश्ति में सब हो सवार  मोहब्बत ही जीवन  मोहब्बत ही सबका अरमान मोहब्बत ही सर्वस्व केन्द्र बिन्दु  भव्य भाव क्षीर सिंधु,प्रेम ही सर्वस्व केन्द्र बिन्दु   मध्यवर्ती  हिय भीतर एक जलजला, प्राणी  हिय प्रेम अमृत कलश भरा ।  मधुर मिलन परिकल्पना,  भावों प्रचंड हिय द्वंद  आत्म सागर भर-भर गागर,हिय अद्भुत संकल्पना  संकल्पना प्रचंड हिय खण्ड -खण्ड  मधुर मिलन परिकल्पना,मन साजे नितनयीअल्पना प्रेम ही सर्वस्व केन्द्र बिन्दु 

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