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लेखक की लेखनी


 स्वर्ग  से सुंदर समाज की कल्पना

 यही एक लेखक की इबादत होती है
     हर तरफ खूबसूरत देखने की एक
     सच्चे लेखक की आदत होती है *
     अन्याय, अहिंसा, भेदभाव,
     देख दुनियां का वयभिचार ,अत्याचार
     एक लेखक की आत्मा जब रोती है
     तब एक लेखक की लेखनी
     तलवार बनकर चलती है
     और समाज में पनप रही वैमनस्य की
     भावना का अंत करने में अपना
     महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है
     विचारों की पवित्र गंगा की धारा
     सर्व जन हिताय हेतु ,
     सुसंस्कृत,सुशिक्षित, समाज की स्थापना
     का आदर्श लिए , शब्दों के तीखे, बाणों
     के जब तीर चलाती तब ,वो इतिहास रचती है ,
     युगों-युगों तक आने वाले समाज का मार्गदर्शन
     करती है ।
     लिखने को तो लेखक की लेखनी लिखती है
     एक अद्वितीय शक्ति उसको प्रेरित करती है
     तभी तो ऐतिहासिक,रहस्यमयी, सच्ची घटनाओं
    की तस्वीरें कविताओं ,कहानियों आदि के रूप में
    युगों- युगों तक जन मानस के लिए प्रेरणास्रोत        बन जन मानस के हृदयपटल पर राज करती हैं ।

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