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जहर ही जहर को काट रहा

 कहीं हमारा रुतबा खत्म ना हो जाये 

इसलिए जहर ही जहर को काट  रहा 

 तबाही का मंजर है

 एक जहरीली शाखा को पकड़कर 

उसकी गहराई जानने की कोशिश करते हो 

उससे पहले दूसरी जहरीली जङ 

पहली जङं को काट देती है 

साम्राज्य  फैला हुआ  है ....

अपने साम्राज्य  को कौन  खत्म  करना चाहता है ...



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