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केरल .. अघोष ..

 * फिल्म केरल दा स्टोरी * देखने का अवसर  मिला 

  ओ माय गोड ..विपुल शाह एवं सुदीप्त सेन ...Hats of you to Direct ..& produce this movie ...

सम्भल जाओ युवा पीढीयों .. सोच- समझकर  कदम उठाना ...

अब समय आ गया है .. जागरूक  होने का ..

हिन्दुस्तान शाश्वत सत्य सनातन धर्म की पहचान है ..हिन्दुत्व स्वयं सिद्ध धर्म है . हिन्दूओं के भगवान अनन्त सृष्टिकालक 

आदित्य देव दिव्य  प्रकाश  हैं ...

श्रीराम  अवतरित  देव हैं ..श्री कृष्ण  जीने की कला सिखाते ...

हम हिन्दू हैं ..हम हिंदू हैं और हिन्दू ही रहेगें ..हिन्दू धर्म की श्रेष्ठता अनन्त आकाश की गूंज है अथाह समुद्र की गहराई है.

 

हिन्दुस्तान का शाश्वत इतिहास धरती पर प्राणियों के जीवन से 

प्रारंभ हुआ है ..हिन्दुत्व की जङें बहुत  गहरी हैं ....इन्हें हिलाना धरती पर प्रलयकारी हो सकता है ...

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मोहब्बत ही केन्द बिंदू

मोहब्बत ही केन्द्र बिन्दु चलायमान यथार्थ सिन्धु  धुरी मोहब्बत पर बढ रहा जग सारा  मध्य ह्रदय अथाह क्षीर मोहब्बत  ना जाने क्यों मोहब्बत का प्यासा फिर रहा जग सारा  अव्यक्त दिल में मोहब्बत अनभिज्ञ भटक रहा जग सारा  मोहब्बत है सबकी प्यास फिर क्यों है दिल में नफरतों की आग  जाने किस कशमकश में चल रहा है जग सारा  मोहब्बत ही जीवन की सबकी खुराक  संसार मोहब्बत,आधार मोहब्बत  मोहब्बत की कश्ति में सब हो सवार  मोहब्बत ही जीवन  मोहब्बत ही सबका अरमान मोहब्बत ही सर्वस्व केन्द्र बिन्दु  भव्य भाव क्षीर सिंधु,प्रेम ही सर्वस्व केन्द्र बिन्दु   मध्यवर्ती  हिय भीतर एक जलजला, प्राणी  हिय प्रेम अमृत कलश भरा ।  मधुर मिलन परिकल्पना,  भावों प्रचंड हिय द्वंद  आत्म सागर भर-भर गागर,हिय अद्भुत संकल्पना  संकल्पना प्रचंड हिय खण्ड -खण्ड  मधुर मिलन परिकल्पना,मन साजे नितनयीअल्पना प्रेम ही सर्वस्व केन्द्र बिन्दु 

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