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त्यौहार


 त्यौहारों का मौसम !*** प्रत्येक त्यौहार स्वयं में विषेशता का प्रतीक चिन्ह समेटे हुये होते हैं ....त्यौहारों में गहरे संदेश छिपे होते हैं ....अपनी विषेशताओं के कारण त्यौहार युगों- युगों तक अपनी छाप छोङने में कामयाब  रहते हैं ।

संस्कृति,परम्परा और संस्कारों का संगम ....त्यौहार 

परम्पराओं  के कुछ महत्वपूर्ण संस्कार...

संसकारों की कुछ  आवश्यक रीतें ..जो जीवन में एक नयी राह, एक नयी,उम्मीद, नये रंग और उत्साह भर दे ....बेजोङ हैं यह परम्परायें ,यह संस्कार...

त्यौहार जीवन में आनन्द और उत्साह भर देते हैं ..

जीवन में नया रंग ,नया उत्साह भर एक नयी ,उर्जा भरने का काम  करते हैं त्यौहार...

त्यौहार मात्र परम्परा ही नहीं....त्यौहार सत्य कथानक पर आधारित जीवन का महत्वपूर्ण आनन्द और सभ्यता को स्वयं में समेटे होते हैं ...

त्यौहारों अच्छाई और सच्चाई का भी प्रतीक होते हैं ...तभी तो त्यौहारों पर तन- मन की स्वच्छता के संग अच्छे वस्त्रों घर की आंगन की साज -सज्जा का भी ध्यान रखा जाता है ... क्योंकि उन दिनों हम अपना सामीप्य महसूस करते है ...उन्हीं के स्वागत में बहुत तैयारियां की जाती हैं ... अतः त्यौहार, यानि जीवन मे आनन्द और नयी ऊर्जा भर देते हैं । 

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