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लंदन

पङ लिखकर गया है लंदन 

बेटा मेरा बङा ही हैंडसम 

बचपन से उसके सपने ऊंचे 

ऊँचा पद ऊंची शान 

बङी जाब बङी पहचान 

 डालर में वो income पाता 

पिज्जा बर्गर का वो फेन 

बारह घंटे आनलाईन रहता

Busy हूं वो हरपल कहता 

समय व्यवस्था इतनी खाना भी 

काम के टेबल पर मंगवाता 

तरक्की हो बच्चों की इसमें हमारी भी खुशी 

देश हो या विदेश बच्चे रहें खुशहाल 

भेजें हम दूर रहकर ही उनको दुआएं 

कट जायेगीं हमारे जीवन की बाधाऐं 

आधा जीवन बीत गया हमारा 

बाकी बचा भी कट जायेगा ।

पङोसी हमारे बङे ही अच्छे 

आकर रोज हालचाल वो पूछते 

दवा,राशन ,फल,सब्जी का रखते ध्यान 

पङोसी हमारे बङे ही दयावान 

करते वो दिल से सम्मान 

प्रभु भक्ति में मन लगाते हैं 

सादा भोजन हम पाते हैं 

बेटे की जब याद आती  

उसकी बचपन की नादानियों 

में खो जाते कभी सहलाकर, कभी प्यार से 

कभी डांटकर कभी लाड से बेटे को पाला 

सारी जवानी की तपस्या बेटा बना intelligent अपना ।

काट लेंगें 





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