मैं मोहब्बत हूं ,कोई कुछ भी कहे
मैं हर दिल में राज कर सारा संसार खुशहाल बनाती हूं
हंसती हूं ,गुनगुनाती हूं चेहरे पर मुस्कराहट
लिए हर गम छिपाती हूं ,
मैं मोहब्बत हूं हर हाल में मुस्कराती हूं
कभी - कभी दुनियां के झमेलों में उलझ जाती हूं
उदासी की चादर ओढ़े दुखी हो जाती हूं
मैं मोहब्बत हूं फिर गुनगुनाती हूं
हवाओं में ठहर रिमझिम बरसात बन जाती हूं
मन के सारे द्वंद मिटा खिली.धूप बन जाती हूं
पुष्पों में सुगन्ध बन हवाओं में घुलमिल
इतराती हूं ।
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