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श्रीराम, रामचरितमानस


रामचरित मानस युगों - युगों से भारतीयों का धार्मिक ग्रंथ है 
राम श्रद्धा हैं, तो रामायण भक्ति है 
रामायण है तो अयोध्या भी है
श्री राम हैं, अयोध्या है, तो फिर
अयोध्या में राम मंदिर का होना भी निश्चित है
राम मंदिर पर राजनीति की आवश्यकता नहीं.. 
श्री राम का जीवन चरित्र 
बाल्यकाल से प्रेरणादायक चरित्र बनकर 
भारतीय संस्कृति में संस्कारों में अपना 
अपनी अमिट छाप बनकर बसने लगता है 
राम शाश्वत हैं, श्री राम सत्य हैं 
श्रीराम भारतीयता का अभिन्न अंग 
या यूं कहियें अभिन्न अंग हैं 
श्री राम भारतीयों की आस्था का मूलमंत्र है
श्रीराम भारतीयों के श्वास एवं प्राण हैं 
एक काल आया था राम मंदिर के नामोनिशान मिटाने का 
युद्ध स्तर की पीड़ा सही भारतीयों ने,,, 
एक युग फिर आया, सत्य की जीत हुयी 
राम शाश्वत हैं, सत्य हैं,  सनातन हैं 
राम नाम की उपस्थिति फिर से अपना परचम लहरायेगी
अयोध्या के राम मंदिर में, बधाईयाँ अयोध्या में फिर से 
दीपों वाली रात आयी... 

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