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प्रार्थना





नमस्कार, मंच पर उपस्थित मेरे सह मित्रोॅ को एवं  समस्त माननीय अतिथियों को ..  मेरी राम राम जी सबको ।
कहते हैं किसी भी अच्छे काम की शुरुआत प्रार्थना से होनी चाहिए । 

अतः मैं आपके समक्ष स्वरचित प्रार्थना प्रस्तुत करने.जा रही हूं ।  


मन में लिए शुभ भावना ,परमार्थ हमारी अराधना 

सेवा हमारा संकल्प है,परहित हमारा उद्देश्य  मानवता का संग है,जन कल्याण हमारा लक्ष्य है। 

व्याधि पीड़ा बन उपचार ,करना है सदा ही परोपकार -2

उपकारी जीवन सद्व्यवहार, परस्पर प्रेम की फसल उगानी .

गंगा जल सम अमृत बनकर जन परोपकार ही  करना है  ।

इनरव्हील ऋषिकेश ने लिया है प्रण निष्काम सेवा का संग्राम स्वच्छंद .. इनरव्हील ऋषिकेश के हौसले है बुलंद .. सेवा के पथ पर डटे रहेगें । -2 

परहित हमको प्यारा है  -2





 


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