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धरना प्रदर्शन..



 #धरना, हड़ताल,प्रदर्शन.हल्ला बोल किसी को कोई  फर्क  नहीं पड़ रहा.. मेरे भाइयों और बहनों..सुख- चैन आप सब का छिन है  .आप सब का कीमती समय बर्बाद हो रहा है. 

जानती हूं जिस पर बीतती है उसी को पता चलता है 

आपका दर्द आपकी तकलीफ का एहसास  है ...
परंतु अंदर खूब घोटाला है ..अन्याय की ऊंची मीनारों से
न्याय  बाहर झांकने में बेबस है
सब माया के भ्रम जाल में फंसे हैं सब  ...आंखों में बांधे काली पट्टी....

 दर्द है तकलीफ है एहसास  है मन कोसता है स्वयं को.. 

चाह कर भी राह नहीं मिलती ..अर्जुन के निशाने की तरह लक्ष्य पर नजर रखिये ..नियति अपना खेल जरुर खेलेगी ...

परंतु अंदर खूब घोटाला है ..अन्याय की ऊंची मीनारों से

न्याय  की उम्मीद.. उन्हें न्याय  की परिभाषा भी नहीं ज्ञात   

अन्याय  का मकङ जाल में सब फंसे हुए हैं ...

कोई  नया तरीका अपनाओं अन्याय को जङों से 

उखाङ  फेंकना है ... करना आप ही कहोगे न्याय  के आंखों में पटटी बंधी है .....

कानून अंधा होता है ...


Comments

  1. वाह!सटीक ..। घोटाला ही घोटाला ..।

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    1. जी शुभा जी . दाला मे काला ही काला है ..

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