वसुंधरा साजे मेला
जगत जननी शक्ति स्वरूपा
नवदुर्गा नौ स्वरूपधारीणी
शैलपुत्री ,चंद्रघंटा,ब्रहमचारीणी ,
कूषमांडा ,संकंदमाता,कात्यानी देवी
महाकाली,महागौरी,लक्ष्मी
सिंह सवार दिव्य अवतार
कमल नयन अम्बुज पद
बुद्धि -विवेक प्रदाता
नमित शीष चरण वंदन
हृदय द्वार अभिनंदन
जागृत हिय हर्ष आपार
पंकज,शंख,चक्र ,त्रिशूल
धारणी प्रकट भवानी
आंगन -आंगन रची रंगोली
सुगंधित वातावरण
गेंदा,अम्बुज पुष्य साजे देवालय
गूंज रहे शंख नाद
सुसंवागतम् जगतजननी
मन राखे शुभ व्यवहार
निसर्ग आभा शिशिर समीर
मन शीतल भय
सद बुद्धि व्यवहार
जय जननी जय मात भवानी
नतशीष बारंबार

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