Skip to main content

Posts

सपनों का राजकुमार

 (सपनों का राजकुमार ) शीर्षक   मौका था राहुल की Birthday party का ...... बड़े- बड़े लोग बड़ी- बड़ी बातें .... उनकी तो birthday 🎂💐 पार्टी का ख़र्चा जहां  .... मिडिल क्लास फैमिली की दस बारह शादियों से भी ज्यादा होता है ...| राहुल शहर के मेयर का बेटा .... दादागिरी ऐसे दिखाता था जैसे कि वो खुद ही मेयर हो | राहुल कि चचेरी बहन सिम्मी  और सिम्मी की बेस्ट friend रिया  .... दोनों कालेज में एक साथ एक ही सेक्शन पड़ रहे थे , दोनों में अच्छी understanding थी |  राहुल अपने birthday party के लिए मेहमानों की लिस्ट बना रहा था ..... साथ में उसकी बहन सिम्मी भी राहुल की Help कर रही थी  मेहमानों की लिस्ट बनाने में... राहुल ने सिम्मी को अपनी friend रिया को भी invite करने को कहा .... सिम्मी , मैं जानती हूं रिया को और उसकी family को वो कभी नहीं आयेगी ... और लेट नाइट पार्टी तो बिल्कुल नहीं उसके मम्मी- पापा मना कर देंगे । राहुल था जिद्दी स्वभाव का .... शायद रिया के लिए अपने दिल में खास जगह बना बैठा था । राहुल ---कोई भी बहाना करके किसी भी तरह रिया के परिवार वालों को मनाकर...

तितलियां

देवलोक की देवियां  आसमां की बेटियां  वसुंधरा के भ्रमण पर  देख मन को भा गयीं रंग -बिरंगे पुष्पों की क्यारियां  उम्मीद की खिड़कीयों से  मन की खोली डिब्बियां खुली आंखों से दिख गयी उड़ती सुनहरी तितलियां  कलाकारी भी,अदाकारी भी  कोमल कमसिन तितलियां  फूलों सी प्यारी कोमल  सुनहरी प्यारी तितलियां  देवलोक से उतरी  परी सी दिखी तितलियां मनमोहनी तितलियां  हे प्रभु तेरी कारीगरी  नज़रों को सदा भाती‌ रही 

बदलते मंजर

 #अंजाम की परवाह किये बिना  जीवन जीने के रंग - ढंग बदल रहे हैं  लोग कहते हैं हम आगे बढ़ रहे हैं  आगे बढ़ने की होड़ में सब लड़ मर रहे हैं  वो कहते हैं जी रहें हैं हम ... नशे के धुंऐं में पल- पल भर रहे हैं # बदलाव का दौर हैं  रंग बदल रहे हैं ढंग बदल रहे हैं ‌‌ तस्वीरों के आकार बदल रहे हैं  बदले - बदले से मंजर हैं बदले- बदले से हम हैं  परिधान बदल रहे हैं  आचार बदल रहे हैं व्यवहार बदल रहे हैं  इस बदलाव के दौर में..  दिखावे की राह में सब भटक रहे  कुएं में सब गिर रहे   हैं ... रोशनी को ताकते हुये चित्रकार बदल रहे हैं  चित्र बदल रहें हैं .. चित्रकार बदल रहे हैं  बदलो मेरे अपनों कोई ग़म नहीं   तुम्हारी खुशी से बढ़कर कुछ भी नहीं  किसी का ना सही ... कोई ग़म नहीं पर अपना जीवन तो खुशहाल बनाओ  बदलाव लाओ .. जिन जड़ों से तुम सम्भले हो जिनसे तुम्हारे ताड़ जुड़े हैं... उन जड़ों से अलग हुए तो बिखर जाओगे  ..... तोड़ ना कभी उस डोर को जिससे तुम आगे बड़े ..  अपने पैरों पर खड़े हो ... ...

शक्ति ....

  चमत्कार क्या आप मानते हैं कि आज के युग में भी चमत्कार होते हैं ... जैसे सतयुग में होते थे .... "अनुभूति तो सबको होती है .. परन्तु जब तक अपनी आंखों से ना देखो या महसूस करो तब तक दिल नहीं मानता " चमत्कार  #अद्भुत # अतुलनीय # रहस्यमयी शक्तियों को खोजते हुए वो‌ बहुत आगे निकल आया था ...अब लौट कर जाना मुमकिन नहीं था ...   रहस्यमयी बातों का आलौकिक खजाना मिल चुका था उसे ..  परन्तु अभी और भी बहुत कुछ खोजना बाकी था ..     *असंभव को संभव कर दिखाने की शक्ति की खोज *   या यूं कहिए खोज अभी बाकी थी ..   शक्ति की खोज क्योंकि खोज जितनी बढ़ती जाती थी ... गहराई उतनी बडती जाती थी ... रहस्य खुलते जाते ..  और उत्सुकता बढ़ती जा रही थी  ....   अब आगे कौन से रहस्य खुलेंगे     यह तो  खोजने वाला ही जाने.....…..कहते भी हैं ना जिन खोजा तिन पाइयां    #दिव्यता #   #निरंतर एक यात्रा पर रहना संभव है क्या  #-  पर उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं था ... उसने खोजा था दिव्यता को और भीतर संजो रखा था ...# ...

मां जगदम्बा

 नवरात्रि का शुभ अवसर , मां भगवती जग जननी की महिमा व्रत ,उपासना का दिव्य अवसर .... मां जगदम्बा के नवरात्रों के नौ दिन ....नौ दिवस नौ रात्रियां ... सृष्टिकर्ता, पालनकर्ता जगदम्बा की स्तुति  सुर्य की कांति की भांति तेज मुख मंडल है जिनका ,लाल चूड़ा ,लाल वस्त्र  .. लाल रंग के तेज का रंग ,सुख- समृद्धि यश कृति का रंग .... दिव्य प्रकाश का रंग , सम्पूर्ण संसार जिससे देदिप्यमान है ... लाल सुनहरा ,स्वर्णमयी पीतमिश्रित दिव्य तेज की आभा से पालित- पोषित ... हरी- भरी आभा से फलती सुख-समृद्धि देव प्रकृति .... समस्त संसार की रचियता सुवर्ण ,तेज , कांति की आभा मां जगदम्बा सृष्टिकर्ता मां सरस्वती - शारदा बुद्धि, ज्ञान ,विवेक, श्रद्धा - भक्ति का महाप्रताप जगत जननी  मां जगदम्बा को अनन्त कोटि प्रणाम बारम्बार प्रणाम .....

रंगमंच

चल आ अपना-अपना  किरदार निभाते हैं  औरों के लिए जीने की  वज़ह बन जाते हैं  चल आ किसी की खुशी की  वजह बन जाते हैं  किरदार में अपने असम्भव को  सम्भव करके दिखाते हैं। रंगमंच में, संसार के मनुष्य के किरदार की भूमिका  उम्र के दौर तक  भावों के चक्रव्यूह में उतार- चढ़ाव में विचारों के गोते खाती, लहरों से सम्भल कर  जो निकलती, तो ही सफल तैराक बनती  प्रेम, हास्य,रूदन, ईर्ष्या,  आदि भावों की गुथी  उलझती- सुलझती जीवन की  गाड़ी हर हाल में चलती  दुनियां के रंगमंच में  मनुष्य तेरे किरदार की भूमिका हर हाल ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ में निभती आशा के दीप से उम्मीद की ज्योति  जब जलती रंगमंच में तेरे किरदार की  भूमिका सदा- सदा यादगार बन  अमर हो जाती ‌।

रंगों का अद्भुत संसार

  रंगों का अद्भुत संसार  यूं तो मुझे सारे रंग अच्छे लगते हैं किन्तु किस दिन कौन सा रंग पहनूं बढ़ी समस्या होती है  अब एक दिन लाल पहना था तो दूसरे दिन कौन से रंग के कपड़े पहनूं । हम भारतीय भी हर बात का हल निकाल ना जानते हैं  भारतीय संस्कृति स्वयं में अतुलनीय है  चलो सारी समस्या ही खत्म अब किसी को ज्यादा सोचने की आवश्यकता नहीं । हम भारतीय सोमवार को भगवान शिव का दिन मानते हैं ,और हमारे ईष्ट शिव शंकर तो भोलेनाथ हैं हमेशा ध्यान तपस्या में लीन रहते हैं । भगवान शिव के नाम पर पवित्र रंग श्वेत , यानि सोमवार का श्वेत रंग । मंगलवार ,मगल भवन अमंगल हारी राम भक्त हनुमान केसरी नंदन हनुमान जी का शुभ रंग , केसरी,लाल गुलाबी रंग मंगलवार का शुभ रंग । बुधवार ;-‌ज्ञान बुद्धि एवं समृद्धि सम्पन्नता व्यापार में लाभ के दाता भगवान विष्णु को नमन । समृद्धि का रंग हरा रंग । बृहस्पतिवार :- जिसे गुरुवार भी कहते हैं , ज्ञान बुद्धि को देने वाले गुरु को प्रणाम ,‌ वन्दना विद्या देवी सरस्वती जी को शुभ रंग पीला , श्वेत । शुक्रवार :- वन्दना मां लक्ष्मी देवी माता को भाता लाल‌ गुलाबी रंग प्रिय नमन शक्ति...